एक जबर्दस्त जुनुनी कार्यकर्ता की दांस्ता

एक जबर्दस्त जुनुनी कार्यकर्ता की दांस्ता

मैंने दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगभग बारह विधानसभाओं में काम किया,जिनमें सबसे ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करने वाली टीम छत्तरपुर की थी।जिसमें शामिल थे प्रदीप,कुलदीप,भावना,अनिता दीदी,गीता दीदी,रमा दीदी,राजीव,रोहित,अनसअली,मनोज,सौम्या,दुर्गा,शिवा इत्यादि।कुछ नाम मैं भूल गया हूँ,जिन्होंने जमकर काम किया था।इन सबके बारे में मैं आगे लिखूँगा,पर आज मन कर रहा है उस नौजवान के बारे में लिखने के लिये जिसने मेरी प्रतिभा को निखारने,संवारने में बडा योगदान दिया।विशाल भाई छत्तरपुर में अपनी टीम के साथ नाटक कर रहे थे।मैं उनका नाटक देखने गया तो वहाँ मेरी मुलाकात हुयी उस नौजवान से जो एक दिन रात दस बजे किसी प्रसूता को खून देने इसलिये चला जाता है क्योंकि खून लेने वाला उससे कहता है कि वो ”आप” का कार्यकर्ता है और उसकी विधानसभा में ”आप” का कोई भी कार्यकर्ता उसकी मदद नहीं कर रहा,तो ”आप” का नाम बदनाम न हो,वो खून देने चला जाता है।वो नौजवान मेरे नाटकों,गीतों को सुनकर अपनी विधानसभा में वहाँ के व्यवस्थापकों के उनके प्रदर्शन से मना करने पर भिड जाता है।पोस्टर लगाने अकेला ही निकल पड्ता है।नाटक और गीतों की परमीशन के लिये अकेला ही जद्दोजहद bhagat1करता है।एक दिन योगेन्द्र यादव जी से मिलने का समय लेकर जब मैं उसके साथ सी.पी.. आफिस गया,तो योगेन्द्र यादव जी ने हमें वाघेला जी से मिलने की सलाह दी।जब हम उनसे मिलने गये तो वहाँ एक महिला बैठी अरविन्द जी के प्रति अपनी निष्ठा और अपनी बेटी के नृत्य की तारीफ कर रहीं थीं।उनके लिये लिये बढिया चाय और बिस्कुट आदि आये।क्योंकि उन्होंने तन-मन नहीं,धन दिया था।एक घंटे बाद जब वाघेला जी ने हमारी योजना सुनकर,हमें जो जबाब दिया,उससे हम काफी निराश हुये।ऐसे में करन भाई ने हमारा हौंसला बढाया।जब आया जन्मदिन ”भगतसिंह” का तो मैंने लगभग सारी विधानसभाओं को संदेश भेजा।”आप” के बडे नेताओं को मेल किया,पर जन्मदिन तीन विधानसभाओं बबाना,अम्बेड्कर नगर और छत्तरपुर में मनाया गया।भगतसिंह के जन्मदिन को कुछ लोग २७ सितम्बर को तो कुछ २८ सितम्बर को मनाते हैं।छत्तरपुर में दोनों दिन मनाया गया।ये सब हुया उस नौजवान ”नवदीप सिंह ” की मेहनत,लगन और शहीदों के प्रति उसके प्रेम के कारण।पर पार्टी ने जमीनी कार्यकर्ताओं की परवाह कहाँ की।आज नवदीप एक अदद नौकरी या किसी काम-धंधे की तलाश में है।ये फोटो पार्टी और शहीदों के प्रति उसके जुनून और लगाव को दर्शाते हैं।
’’न भूले देश शहीदों को ’’ जितेन्द्र भईया,गुना (म.प्र.)

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