AVAM asks Yogendra Yadav

आदरणीय प्रशांत जी / योगेंद्र जी,

आपका पत्र पढ़ा (11 March 2015) और पढ़कर यह अहसास हुआ आप भी उसी संघर्ष का हिस्सा है जिसके लिए हम सब पिछले 10 महीने से डटे हुए हैं , आज आप भी उसी दर्द से गुजर रहें हैं जिस दर्द से हम सब गुजर चुकें हैं , शायद आज आप को अहसास हो कि  हम सब कार्यकर्ताओं ने समय रहते पार्टी सुधार का दुःसाहसी कदम क्यों उठाया ,क्यों हम रुके नहीं, क्यों हम झुके नहीं । हमें अहसास था कि सत्ता प्राप्ति के बाद Dirty Tricks Department (DTD) नाम का अजगर और विकराल हो जायेगा और एक-एक करके इस पार्टी के सच्चे शुभचिंतको को निगल जाएगा। संगठित होकर सही समय पर आवाज न उठाने के कारण आज ये लड़ाई और मुश्किल हो गई है। शायद राष्ट्रीय परिषद् की मीटिंग के बाद और भी मुश्किल हो जाए।

आपके द्वारा लिखे गए पत्र में दो बिन्दुओं को लेकर वालंटियर्स को भारी confusions हैं । मुझे उम्मीद है आप अपने स्वाभाव अनुसार इन बिन्दुओं से पल्ला झाड़ते हुए पर पूरी स्तिथी स्पष्ट करेगें।

1 योगेन्द्र जी आपने कहा कि “इसमे कोई शक नहीं कि बाद में आवाम पार्टी विरोधी कई गतिविधियों में शामिल रहा।”- वालंटियर्स जानना चाहतें हैं कि ये पार्टी विरोधी ‘कई’ गतिविधियाँ कौन-कौन सी हैं जिसमे आवाम शामिल रहा।

2. जवाब दें और बताएं कि “जब आवाम ने पार्टी की दो करोड़ की संदिग्ध फंडिंग उजागर करी थी, तो इन आरोपों के खंडन में सबसे अहम् भूमिका बिना जांच करे योगेन्द्र यादव ने क्यूँ निभायी थी।”

3. आवाम के द्वारा लगाये गए कौन-कौन से आरोप झूठे हैं। क्या आपने इन सब आरोपों पर जाँच पूरी कर ली है ?

सविनय निवेदन
आपके उत्तर की प्रतीक्षा में।
करन सिंह
‘आवाम’

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