आवाम व आप के बागी दिग्गज नेताओ मे समानताए व अन्तर

आवाम व आप के बागी दिग्गज नेताओ मे समानताए व अन्तर|

आम आदमी पार्टी मे पिछले एक वर्ष से निरन्तर टूट रहे कार्यकर्ता व नेता मे भारी समानता व अन्तर देखने को मिल रहा है। आवाम एक समूह है कार्यकर्ताओ का जो पार्टी मे कार्यकर्ताओ के हक की लडाई लड रहा है। पार्टी के सुप्रीमो तक जिसे गद्दार देशद्रोही बी जे पी का एजेन्ट बता चुके हैं। आवाम ने पार्टी मे अनैतिक कार्यो पर आवाज़ उठाई। जिसे बदनाम करने मे कोई कसर नही छोडी गई| दागी दिग्गज नेता भी उस समय आवाम को anti party बता पल्ला झाडते रहे| मगर आवाम अपने मौलिक सिद्धान्तो से टस से मस नही हुआ।
आज वही दागी नेता पार्टी द्वारा सभी तकलीफे झेल रहे हैं जो आवाम ने झेली थी।

आवाम व दिग्गज नेताओ मे समानता

  • १ दोनो खेमे पार्टी मे चल रह अन्दरूनी गंदी राजनीती से परेशान थे।
  • २ दोनो पार्टी मे पार्दशिता व स्वराज को कायं करना चाहते थे।
  • ३ दोनो अरविन्द व कुछ चाटुकारो के कई अनैतिक निर्णय पर एक मत थे।
  • ३ दोनो ने पार्टी की गंदी राजनीति मे पहले अन्दरूनी लडाई लडी फिर बाहर आकर लडे।
  • ४ दोनो पर पार्टी ने बेबुनियाद आरोप लगा अलोकतांत्रिक तरीके से बाहर का रास्ता दिखा दिया
  • ५ दोनो पर बल व धमकियो का प्रयोग किया गया
  • ६ दोनो को बदनाम करने की पुरजोर कोशिश की गई
  • ८ दोनो को बीजेपी का एजेट बताया गया
  • ९ दोनो ने ही कोई और पार्टी को समर्थन नही किया
  • १० दोनो ही पार्टी की मूल विचारधारा से जुडे रहे।

आवाम व दिग्गज नेताओ मे अन्तर

  • १ आवाम ने पार्टी के गलत कार्यो पर शुरू से आवाजय उठाई जबकि दागी नेता पानी को सर से ऊपर निकल जाने का इन्तज़ार करते रहे।
  • २ आवाम ने विधानसभा चुनावो मे हर गलत उम्मीदवारो व उन्हे समर्थन दे रहे सुप्रीमो का पुरजोर विरोध किया जबकि दागी नेता पार्टी मे खामोशी से लोकतंत्र की हत्या को देखते रहे
  • ३आवाम ने सभी अनैतिक कार्यो को विधानसभा मे पुरज़ोर विरोध किया व विधानसभा से पूर्व ही जनता के समक्ष रखने की कोशिश भी की जबकि नेता इन कार्यो को पार्टी विरोधी बता बीजेपी का क्षणियंत्र बताते रहे।
  • ४ आवाम मे चुकि सभी साधारण कार्यकर्ता थे इसलिए इन्हे अन्य लोगो का कोई सहियोग नही मिला जबकि नेताओ के बाहर निकलते ही पार्टी दो खेमो मे बट गई।

कई पुराने नेता जो पार्टी से निकले वे अन्य पार्टियो मे चले गए मगर आवाम आज भी यह लडाई पुर जोर तरीके से ज़मीन पर लड रहा है। आवाम का साथ इन नेताओ ने उस समय नही दिया मगर आवाम पूरी तरह से अनैतिक कार्यो की इस ज़ग मे इन नेताओ के साथ खडा है। खून पसीने से बनी ये पार्टी लोभी सत्ता की महक मे सूरदास बने लोगो को जगाने का निहित प्रयास है।
आवाम शुरू से खुद को पार्टी का हिस्सा मानता आया है हमारी लडाई सत्ता की नही विचारधारा की है। अच्छे और बुरे की पहचान कराने की है। देश को राजनैतिक विकल्प देने की लडाई है। बदलाव की लडाई है। हम देश के लिए इकठ्ठा हुए थे न कि कुछ लोगो की राजनैतिक लालसाओ को पूर्ण करने के लिए। आए और इस लडाई मे सहभागी बने। हम न तो अछूत हैं न ही राजनैतिक लालसा रखते हैं। अगर रखते तो शायद आज हम मे से कुछ लोग विघायक बने गलत कामो मे सहभागी होते। राजनीति को साफ करना ही हमारा उद्देश्य मात्र है।

No comments yet.

Leave a Reply